भारत में 5G रोलआउट को आज एक बड़ी गति मिली जब 15 राज्यों के 50 नए शहरों को 5G नेटवर्क से जोड़ा गया। रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने सेवाएं शुरू कर दी हैं, जिसमें औसत डाउनलोड स्पीड 300 एमबीपीएस तक पहुंच गई है – जो 4G से लगभग 10 गुना तेज है।
🔹 50 नए शहर
इस विस्तार में इंदौर, भोपाल, लुधियाना, गुवाहाटी, रांची, रायपुर और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों के साथ-साथ 43 अन्य शहर शामिल हैं। इसके साथ ही अब देशभर में 5G वाले शहरों की संख्या 348 हो गई है। दूरसंचार विभाग का कहना है कि जून 2024 तक शहरी भारत के 75% हिस्से में 5G कवरेज होगा।
दूरसंचार मंत्री
"यह दुनिया में सबसे तेज 5G रोलआउट है। हमने कवरेज के मामले में ब्रिटेन और जर्मनी को पीछे छोड़ दिया है। हमारा लक्ष्य 2025 तक हर भारतीय को 5G उपलब्ध कराना है।" – अश्विनी वैष्णव।
स्पीड और परफॉर्मेंस
Ookla स्पीडटेस्ट डेटा के अनुसार, जियो पर औसत 5G डाउनलोड स्पीड 305 एमबीपीएस और एयरटेल पर 295 एमबीपीएस है। अपलोड स्पीड औसतन 35 एमबीपीएस है। लेटेंसी घटकर 10-15 एमएस रह गई है, जिससे क्लाउड गेमिंग और स्वायत्त वाहन परीक्षण जैसे रियल-टाइम एप्लिकेशन संभव हो गए हैं।
🔹 ऑपरेटरों की रणनीति
रिलायंस जियो अपने स्वदेशी रूप से विकसित 5G स्टैक का उपयोग कर रहा है और उसने स्टैंडअलोन (SA) आर्किटेक्चर तैनात किया है, जो नेटवर्क स्लाइसिंग और कम लेटेंसी की अनुमति देता है। जियो अब 250 शहरों को कवर करता है और दिसंबर तक 1000 कस्बों तक पहुंचने की योजना बना रहा है।
भारती एयरटेल शुरू में नॉन-स्टैंडअलोन (NSA) का उपयोग कर रहा है, लेकिन उसने चुनिंदा शहरों में SA में अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। एयरटेल ने उपकरणों के लिए एरिक्सन, नोकिया और सैमसंग के साथ साझेदारी की है और 210 शहरों को कवर करता है।
वोडाफोन आइडिया अपडेट
वोडाफोन आइडिया (Vi) ने पुणे और गांधीनगर में 5G ट्रायल शुरू कर दिए हैं, लेकिन अभी तक व्यावसायिक रूप से लॉन्च नहीं किया है। कंपनी नेटवर्क विस्तार के लिए ₹20,000 करोड़ जुटाने के अंतिम चरण में है और सितंबर 2024 तक लॉन्च की उम्मीद है।
🔹 उपयोग के नए क्षेत्र
तेज ब्राउजिंग के अलावा, 5G नए क्षेत्रों को सक्षम कर रहा है:
- फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA): जियो और एयरटेल 5G राउटर के माध्यम से होम ब्रॉडबैंड की पेशकश कर रहे हैं, जो केबल ऑपरेटरों को टक्कर दे रहा है।
- स्मार्ट फैक्ट्रियां: बॉश और सीमेंस बेंगलुरु और पुणे में 5G-नियंत्रित विनिर्माण लाइनों का परीक्षण कर रहे हैं।
- शिक्षा: आईआईटी वर्चुअल लैब और होलोग्राफिक व्याख्यानों के लिए 5G का उपयोग कर रहे हैं।
- स्वास्थ्य सेवा: 5G कनेक्टिविटी वाली एम्बुलेंस लाइव मरीज डेटा अस्पतालों तक पहुंचा सकती हैं।
उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया
नए कवर किए गए शहरों में से एक लखनऊ की छात्रा अंजलि गुप्ता ने कहा: "मैंने 50 सेकंड में 2GB की फिल्म डाउनलोड कर ली। ऑनलाइन क्लास अब बिना रुके चलती हैं, भले ही परिवार के अन्य सदस्य स्ट्रीमिंग कर रहे हों।"
🔹 आगे की चुनौतियाँ
तेजी से रोलआउट के बावजूद, चुनौतियाँ बनी हुई हैं: घने शहरी इलाकों में कवरेज के लिए अधिक टावरों की आवश्यकता है, और ग्रामीण विस्तार में कम राजस्व संभावनाओं के कारण समय लगेगा। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में केवल 40% स्मार्टफोन 5G-सक्षम हैं, हालांकि वर्ष के अंत तक यह 70% पार करने की उम्मीद है।
सरकारी पहल
दूरसंचार विभाग ने कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में अनुप्रयोगों का परीक्षण करने के लिए 100 गांवों में '5G इंटेलिजेंट विलेज' कार्यक्रम शुरू किया है। टेलीकॉम उपकरणों के लिए ₹40,000 करोड़ की पीएलआई योजना भी 5G उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है।