नई दिल्ली: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन रही हैं। पिछले एक साल में भारतीय AI स्टार्टअप्स ने जो प्रगति दिखाई है, वह न केवल देश के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल कायम कर रही है।
क्या आप जानते हैं? भारत अब संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा AI स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है।
फंडिंग में उछाल
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद, भारतीय AI स्टार्टअप्स ने पिछली तिमाही में $2.3 बिलियन से अधिक का फंडिंग आकर्षित किया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45% अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि निवेशकों के भारत की तकनीकी क्षमताओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
सरकारी पहलों का योगदान
केंद्र सरकार की 'नेशनल AI स्ट्रैटेजी' और 'डिजिटल इंडिया' पहल ने इस क्षेत्र को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। इन पहलों के तहत:
- AI अनुसंधान के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन
- 20 नए AI अनुसंधान केंद्रों की स्थापना
- स्टार्टअप्स के लिए कर छूट और अन्य प्रोत्साहन
- AI शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करना
प्रमुख क्षेत्रों में प्रभाव
स्वास्थ्य सेवा
AI आधारित निदान प्रणालियाँ अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवा पहुंचा रही हैं। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप 'निरामया AI' ने एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जो छाती के एक्स-रे से निमोनिया का 95% सटीकता से पता लगा सकती है।
कृषि
AI पावर्ड ड्रोन और सेंसर तकनीक किसानों को फसल स्वास्थ्य की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग प्रदान कर रहे हैं। इससे पानी और उर्वरक के उपयोग में 40% तक की बचत हो रही है।
शिक्षा
व्यक्तिगत शिक्षण अनुभव प्रदान करने वाले AI प्लेटफॉर्म अब 5,000 से अधिक स्कूलों में उपयोग किए जा रहे हैं। ये प्रणालियाँ प्रत्येक छात्र के सीखने के पैटर्न को समझकर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण सामग्री प्रदान करती हैं।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 तक भारत का AI बाजार $10 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इस विकास से 2 लाख से अधिक उच्च-कुशल नौकरियों का सृजन होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक भारत को वैश्विक AI हब के रूप में स्थापित करना है।
हालांकि, चुनौतियाँ भी हैं। डेटा गोपनीयता, नैतिक AI विकास, और कुशल पेशेवरों की कमी जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। फिर भी, वर्तमान प्रगति और भविष्य की योजनाएं भारत के AI सफर को उज्ज्वल बना रही हैं।